इस स्टेशन पर सिर्फ एक बच्ची के लिए रोजाना आती है ट्रेन, वजह जानकर ‘भारत सरकार’ से नफरत करोगे

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देहरादून. (चयन राजपूत) भारत के उत्तराखंड राज्य में पहाड़ी क्षेत्रो में रहने वाले छोटे-छोटे बच्चे. स्कूल जाने के लिए कड़ी मशक्कत करते हैं. शायद ही कोई शहरी बच्चा ऐसा करता होगा. ऊंची-ऊंची चट्टानों में चढ़कर लंबी-लंबी नदियां फांदकर. पहाड़ी क्षेत्रो के बच्चे इतनी मेहनत स्कूल में पढ़ाई करने के लिए करते हैं. यहां की सरकार को ये सब दिखाई नहीं देता. सिर्फ ‘पड़ेगा भारत तभी तो बड़ेगा भारत’ जैसे नारे लगवाते रहते हैं.

पहाड़ी क्षेत्रों में पलायन की समस्या भी इन्हीं बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए एक अहम मुद्दा बन चुका है. पहाड़ी क्षेत्रो में स्कूली शिक्षा अच्छी तरह न होने पर मां-बाप पहाड़ से शहर की तरफ पलायन कर रहे हैं.

वहीं जापान की सरकार का अप्रोच, हमारी बतोली सरकारों की अपेक्षा थोड़ा अलग है, क्योंकि वहां ये नारा नहीं दिया जाता “पढ़ेगा जापान तभी तो बढ़ेगा जापान”… वहां ऐसे कामों को सीरियसली लिया जाता है. जापान के उत्तर के होकाइदो द्वीप पर सिर्फ एक बच्ची को लेने के लिए पूरी की पूरी ट्रेन आती है.

वजह जानकर जापानी सरकार की पीठ थपथपाएंगे और भारत सरकार से नफरत हो जाएगी

दरअसल कुछ समय पहले वहां की सरकार के रेलवे विभाग ने तय किया कि शिराताकी गांव के स्टेशन को बंद किया जाएगा. क्योंकि वहां से ज्यादा सवारियां नहीं मिलती हैं. लेकिन तभी पता चला कि एक बच्ची वहां से रोजाना स्कूल आती-जाती है. अधिकारियों ने पड़ताल की तो पता चला कि वहां से आने जाने का और कोई महफूज साधन नहीं है. ऐसे में सरकार ने तय किया कि स्टेशन को चालू रखा जाए. अब रोजाना दिन में दो बार ट्रेन आती-जाती है. एक बार बच्ची को स्कूल के लिए लेने और दूसरी बार, बच्ची को वहां छोड़ने.

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और तो और ट्रेन के टाइम को भी बच्ची के स्कूल के समय के हिसाब से एडजस्ट कर लिया गया है. पूरी ट्रेन में बच्ची के अलावा कोई दूसरी सवारी नहीं होती. रेलवे विभाग ने तय किया है कि जब तक बच्ची हाईस्कूल पास नहीं करती ट्रेन चलती रहेगी.

सच में दिल करता है कि जापान की सरकार और उसके रेलवे विभाग की पीठ इस काम के लिए थपथपाई जाए. अगर आपको भी ऐसा लगता है तो खबर को इतना शेयर करो की सरकार तक पहुंच जाए.