भारत की सबसे लंबी इनकम टैक्स रेड पर बनी है अजय देवगन की Raid फिल्म…

463
Facebooktwittergoogle_pluspinterest

अजय देवगन की आने वाली फिल्म Raid 16 मार्च 2018 को रिलीज होने वाली है. इस फिल्म में अजय यूपी के इनकम टैक्स के डिप्टी कमिश्नर अमय पटनायक के रोल में नजर आएंगे. इस फिल्म में वह एक ऐसे आदमी के घर छापा मारते हैं जिससे पंगा लेने में बड़े-बड़े अफसर कांप उठते हैं.

ट्रेलर की शुरूआत में ये दिखाया गया कि फिल्म असल घटनाओं से प्रेरित है. फिल्म में दिखाई जा रही छापेमारी साल 1981 में लखनऊ में घटती है. ये सबसे लंबी छापेमारी हुई थी, लेकिन जहां तक असल घटनाओं से प्रेरित होने की बात है तो ये फिल्म दो अलग-अलग साल में, दो अलग-अलग जगहों पर घटी घटनाओं को मिलाकर बनाई हुई लगती है.

ट्रेलर में छापेमारी का साल 1981 दिखाया जाता है. असलियत में भी ऐसा ही वाक्या हुआ था, 1981 में जो रेड पड़ी थी उसकी डिटेल हम आपको बताते हैं.

भारत की सबसे लंबी इनकम टैक्स रेड

इंडिया टुडे मैग्ज़ीन में छपी खबर के मुताबिक 16 जुलाई, 1981 में कानपुर के मशहूर बिजनेसमैन और कांग्रेस के पूर्व विधायक सरदार इंदर सिंह के घर रेड पड़ी. इस काम के लिए डिपार्टमेंट के 90 अनुभवी अफसरों को चुना गया था. पहले दिन की छापेमारी जब खत्म हुई, तब तक 1 करोड़ रूपए बरामद हो चुके थे. ये रकम नकद, सोने के बिस्कुट और गहनों को मिलाकर थी. ये छापेमारी सिर्फ विधायक जी के स्वरूप नगर वाले घर पर ही नहीं बल्कि तिलक नगर, लाजपत नगर और आर्य नगर स्थित उनके घरों पर एक साथ पड़ रही थीं. साथ ही साथ दिल्ली और मसूरी के बैंकों में इंदर सिंह के अलग-अलग नामों से खोले गए खाते और लॉकर भी सील होने लगे थे. इतनी बड़ी रेड थी इसलिए अफसरों की सुरक्षा के लिए 200 पुलिसवालों को भी लगाया गया था.

सरदार इंदर सिंह का कानपुर में घर

ये रेड इतनी लंबी थी कि रूकने का नाम ही नहीं ले रही थी. छापेमारी 1 महीने से भी ज्यादा लंबी चली. इंदर सिंह के साथ उनके घरवालों पर भी छापे पड़ने शुरू हो गए. इनकम टैक्स के अफसरों की मदद के लिए रिज़र्व बैंक के लोकल ब्रांच से लोग मंगवाने पड़े. वहां से निकले पैसे गिनने के लिए एक अलग रूम में 45 लोगों को काम पर लगाया गया था. तब इसे गिनने में 18 घंटे लगे थे. गिनती के बाद ये रकम 1 करोड़ 60 लाख हुई थी. तकरीबन डेढ़ लाख रुपए के नोट खराब हो गए थे इसलिए उन्हें गिनती से बाहर रखा गया था. ये इनकम टैक्स की अब तक की सबसे लंबी रेड मानी जाती है. ये रेड बिल्कुल शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हुई.

कानपुर के तत्कालीन इनकम टैक्स कमिश्नर शारदा प्रसाद पांडेय.(चश्मा पकड़े हुए).

Second Case

1989, 14 सितंबर की तारीख़ थी. उत्तर प्रदेश के 88 काबिल अफसरों को मेरठ बुलाया गया. सुबह 10:45 मिनट पर उन्हें सील लिफाफे सौंपे गए जिसमें रेड कहां और किसके घर पड़नी है, सारी डिटेल थी. लिफाफा खुला और दो बिज़नेसमैन के नाम सामने आए. स्टील और पेपर मिल मालिक हरीश छाबड़ा और गहनों के व्यापारी चितरंजन स्वरूप. 88 लोगों की रेड वाली टीम नौ टीमों में बंट गई और बिजनौर और मुजफ्फरनगर में छापेमारी शुरू हुई. उम्मीद थी कि दो करोड़ तक का माल सामने आएगा.

फिल्म का एक सीन…

मुजफ्फरनगर में छाबड़ा के घर पहुंचे अफसरों का स्वागत गाली-गलौच से किया गया. राजनीतिक पहचान की धौंस भी दिखाई गई. लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ अफसर सर्च वारंट लेकर आए थे, घर की तलाशी ली गई. लेकिन छाबड़ा ने गेम खेला और बाहर निकलकर अपने लोगों को आगाह कर दिया. कुछ ही देर में वहां बहुत सारे लोग जमा हो गए और सर्च करने वाली टीम से मारपीट शुरू हो गई. सर्च टीम की इतनी बुरी तरह से धुनाई हुई कि आधे अफसर अस्पताल पहुंच गए. जो लोग छाबड़ा की फैक्ट्री पहुंचे उन्हें नंगा करके पीटा गया. यही हाल गहना व्यापारी स्वरूप के घर का भी था. देखने वाले बताते हैं कि वहां ऑफिसर्स को फुटबॉल की तरह फेंका जा रहा था. सभी टीमों के साथ चार पुलिस के जवानों को लगाया गया था. लेकिन जैसे ही ये चीज़ें शुरू हुईं वो सारे सिपाही भाग खड़े हुए.

Ajay Devgn

फिल्म में अजय देवगन के साथ इलियाना डी क्रूज़ भी दिखाई देंगी. इलियाना इस फिल्म में अजय की पत्नी का रोल करेंगी. फिल्म को डायरेक्ट किया है राजकुमार गुप्ता ने. राजकुमार इससे पहले ‘घनचक्कर’ (2013), ‘नो वन किल्ड जेसिका’ (2011) जैसी फिल्में डायरेक्ट कर चुके हैं. फिल्म को लिखा है रितेश शाह ने जो ‘सिटीलाइट्स’ (2014), ‘एयरलिफ्ट’ (2016), ‘मदारी’ (2016), ‘पिंक’ (2016) और ‘डैडी’ (2017) जैसी फिल्में लिख चुके हैं. प्रोड्यूस किया है टी-सीरीज़ और कुमार मंगत पाठक ने और म्यू़ज़िक है सचिन-जिगर का.