हल्द्वानी के इस इंस्टीट्यूट में गरीब छात्र की हुई ऐसी मदद कि अब वो बन जायेगा डॉक्टर

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हल्द्वानी- न्यूज टुडे नेटवर्क: उठना है तुझे नही गिरना है, जो गिरा तो फिर उठना है, अब रूकना नहीं इक पल तुझको , बस हर पल आगे बढना है…कुछ इन्हीं इरादों के साथ हल्द्वानी के आकाश इंस्टीट्यूट के सेंटर डायरेक्टर भारत गोयल विद्यार्थियों का भविष्य संवार रहे हैं। एक बार फिर NEET 2018 के नतीजों में देशभर में आकाश इस्टीट्यूट के होनहारों का डंका बजा है। 4 जून 2018 को सीबीएसई नीट के नतीजों में हल्द्वानी आकाश इस्टीट्यूट के 234 छात्र-छात्राओं ने सफलता हासिल की।

जिसमें से नीरज कुमार ने OBC कैटेगरी में ऑल इंडिया रैंक 113, सुरोपम सिंह ने ST कैटेगरी में ऑल इंडिया 345 रैंक, अलमस अफसर ने OBC कैटेगरी में ऑल इंडिया 498 रैंक, पारस पाण्डे ने Gen कैटेगरी में ऑल इंडिया 1709 रैंक, सिमरन ढींगरा ने Gen कैटेगरी में ऑल इंडिया 4882 रैंक, लक्षिता यादव ने OBC कैटेगरी में 6500 रैंक, अभिषेक रिखाकोटी ने SC कैटेगरी में 7420 रैंक, आकांक्षा रावत ने ST कैटेगरी में ऑल इंडिया 8357 रैंक, आरजू आलम ने OBC कैटेगरी में 9952 रैंक हासिल की। बताते चलें कि NEET का आयोजन मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में MBBS और BDS कोर्सेस में प्रवेश के लिए किया जाता है।

ऐसे में अब नतीजों के बाद NEET 2018 में सफल विद्यार्थियों के मेडिकल में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी हैं । आगामी 19 जून को मेडिकल कालेज सलेक्शन का दौर शुरू होगा।

घर के बाहर घर जैसा ही है आकाश इंस्टीट्यूट

NEET परीक्षा में 113 रैंक लाने वाले नीरज कुमार ने अपने दृढ इरादों और कठिन मेहनत के दम पर आकाश इंस्टीट्यूट के साथ ही माँ -बाप का नाम रौशन किया है। नीरज की इस सफलता में आकाश इस्टीट्यूट का बेहद अहम योगदान है।

आकाश इंस्टीट्यूट के सेंटर डायरेक्टर भारत गोयल , साथ में नीट 2018 में 113 वीं रैंक लाने वाले होनहार छात्र नीरज कुमार

बेहद गरीब परिवार से ताल्कुल रखने वाले छात्र नीरज कुमार की प्रतिभा को आकाश इंस्टीट्यूट ने बखूबी समझा और नाम मात्र की फीस पर नीरज को साल भर तक मेडिकल परीक्षा की हर बारीकी से रूबरू करवाया। इसके साथ ही नीरज के खानपान और रहन सहन की भी पूरी व्यवस्था भी आकाश इंस्टीट्यूट द्वारा की गई। आखिरकार नीट 2018 के नतीजों में नीरज कुमार ने आकाश इंस्टीट्यूट के सेंटर डायरेक्टर भारत गोयल को गुरू दक्षिणा में 113 वीं रैंक का उपहार दे ही दिया।

बता दें कि आकाश इंस्टीट्यूट के द्वारा समाज के निर्धन परिवारों के होनहारों का भविष्य संवारने के लिए बढचढ कर प्रयास किए जाते हैं। जिसका नतीजा यह है कि आज नीरज कुमार जैसे मेधावी छात्र मेडिकल की परीक्षाओं में अपना परचम लहरा रहे हैं।

गरीब पिता का बेटा अब बनेगा डॉक्टर

नीट 2018 परीक्षा में सफल आकाश इंस्टीट्यूट के होनहार नीरज कुमार का परिवार रूद्रपुर में अग्रसेन हॉस्पिटल के पीछे शांति कालौनी में रहता है। घर पर पिता इंद्र देव और मां पुष्पा देवी के अलावा नीरज का छोटा भाई विशाल इस समय 10वीं की पढाई कर रहा है।

नीरज की सफलता पर बेहद उत्साहित पिता इंद्र देव और माँ पुष्पा देवी ने बताया कि नीरज ने 12 वीं की परीक्षा में 8 वीं रैंक हासिल कर परिवार का मान बढाया था। इसके बाद आकाश इस्टीट्यूट की कोचिंग और मार्गनिर्देशन की बदौलत नीरज के डॉक्टर बनने की राह आसान हुई है।

बताते चलें कि नीरज के पिता ने बेहद गरीबी में परिवार का पालन पोषण करते हैं। ऐसे में आकाश इंस्टीट्यूट में नीरज कुमार को मेडिकल की कोचिंग के साथ-साथ रहने और खाने की व्यवस्था की गई तो पिता इंद्र देव और माँ पुष्पा देवी की खुशी का ठिकाना ही नही रहा।

खुशी के मारे पिता इंद्र देव और माँ पुष्पा देवी के आंसू रूकने का नाम नही ले रहे हैं। गरीब पिता इंद्र देव अपने नाते रिश्तेदारों और आस-पड़ोस में मिठाई बांटकर खुशी के पल को संजो रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि उनका बेटा नीरज कुमार देश के नामी मेडिकल कालेज में दाखिला होगा और वह एक बेहतर डॉक्टर बनकर समाज में अपनी सेवाएं देगा।