अच्छी खबर : 8वीं के छात्र ने बनाई बुजुर्गों को दवा देने वाली अनूठी मशीन, जानिए कैसे करती है ये काम

110
Facebooktwittergoogle_pluspinterest

पटना- न्यूज टुडे नेटवर्क: जिस उम्र में बच्चे अपनी शरारतों से घर के हर सदस्य परेशान सा कर देते हैं , उसी उम्र में 13 साल के सूर्य नारायण ने गजब का कारनामा करके दिखाया है। आठवीं के छात्र सूर्य नारायण ने ऐसी डिवाइस बनाई है कि जो बुजुर्गों को समय से दवा लेने में मदद करेगी। छात्र सूर्य नारायण की यह अनूठी खोज देश के तमाम बुजुर्गों के लिए किसी वरदान से कम नही है।

दरअसल आइआइटी पटना में आयोजित ‘हैकॉथन’ में शामिल होने के लिए 574 टीमों के 1700 लोगों ने रजिस्ट्रेशन किया था। इसमें से 15 टीमों का चयन 6 से 9 सितम्बर को आयोजित प्रतियोगिता में हुआ। इसमें सूर्य नारायण ने प्रतिभाग कर अपने अनूठे आविष्कार से सबको चौंका दिया।

कैसे काम करती है यह मशीन

छात्र सूर्य नारायण द्वारा उन्नत तकनीक के सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर की मदद से बनाई गयी डिवाइस में दवा के नाम, डोज और समय फीड कर देने के बाद अलार्म बजेगा और मशीन की विंडो से तय दवा बाहर आएगी। दवा लेने के साथ ही अलार्म बजना बंद हो जाएगा। यदि बगैर दवा लिए अलार्म को बंद कर देंगे तो अलार्म सेट करने वाले व्यक्ति के पास दवा नहीं लेने का मैसेज चला जाएगा। मशीन में एक बार में 24 घंटे के लिए दवा फीड की जा सकती है। इसे सोलर सिस्टम से भी चलाया जा सकता है।

बुजुर्गों की मदद के लिए बनाई हुई डिवाइस के साथ 13 साल का सूर्य नारायण

सूर्य नारायण की माँ सहायक प्रोफेसर डॉ. लीना ने बताया कि डिवाइस को असेंबल करने में 450 से 500 रुपये का खर्च आता है। इसे बाजार में 600 रुपये में उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि ऐसी डिवाइस की कीमत अमेरिका में 4000 से 5000 रुपये के बीच आती है।

दादाजी बने सूर्य नारायण के आविष्कार की प्रेरणा

सूर्य नारायण ने बताया कि घर पर बुजुर्ग दादाजी को समय पर दवा लेने में हमेशा परेशानी होती थी। ऐसे में दादाजी की इस तकलीफ को समझते हुए 04 माह पहले उसने कुछ करने की ठानी। डिवाइस बनाने में बैट्री और अन्य सामग्री को असेंबल करने में 02 महीने का समय लगा। माँ डॉ. लीना ने बताया कि 04 साल की उम्र में ही सूर्य ने सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बनाने की प्रैक्टिस शुरू कर दी थी। उसके पिता रणजीत भी सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं।

बेटे की रुचि देख कर उन्होंने घर में ही लैब बना दी। सैकेंड क्लास से ही सूर्य ने डिवाइस बनाना शुरू कर दिया था। स्कूल से भी उसे काफी सपोर्ट मिलता है। 13 साल के इस नन्हे आविष्कारक ने अपनी लगन और प्रतिभा के दम में देश के करोड़ों बुजुर्गों और उनके परिजनों को सौगात दी है। “न्यूज टुडे नेटवर्क” की ओर छात्र सूर्य नारायण को उज्जवल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं….