नई दिल्ली- निर्भया मामले में आया सुप्रीम फैसला, इंसानियत को शर्मसार करने वाले दरिदों को होगी फांसी

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नई दिल्ली- न्यूज टुडे नेटवर्क : 16 दिसंबर 2012 को चलती बस में पैरामेडिकल की छात्रा से दरिंदगी की हद पार करने वाले दोषियों पर आखिरकार वो फैसला आ ही गया जिसका हर देशवासी को इंतजार था। खासतौर पर निर्भया के माँ-बाप को। सुप्रीम कोर्ट ने ‘निर्भया’ सामूहिक बलात्कार एवं हत्या मामले में 4 दोषियों में से 3 की पुनर्विचार याचिका आज खारिज करते हुए तीनों की मौत की सजा बरकरार रखी है। जबकि चौथे आरोपी ने इस मामले में पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं की थी।

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस आर भानुमति और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ ने मुकेश (29), पवन गुप्ता (22) और विनय शर्मा की मौत की सजा बरकरार रखी है। बताते चलें कि निर्भया कांड के आरोपियों में से एक राम सिंह ने तिहाड़ जेल में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। आरोपियों में एक किशोर भी शामिल था, उसे किशोर न्याय बोर्ड ने दोषी ठहराया। उसे 3 साल सुधार गृह में रखे जाने के बाद रिहा कर दिया गया।

दरिदों को बचाने की दलील काम ना आई

बताते चले कि निचली अदालत, हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया के चारों बलात्कारी और हत्यारों को फाँसी की सजा सुनाई थी। विनय, मुकेश और पवन की ओर से वकीलों ने दलील दी थी कि दोषियों की पृष्ठभूमि और सामाजिक व आर्थिक हालात को देखते हुए उनकी सजा कम की जाए और कहा कि 115 देशों ने मौत की सजा को खत्म कर दिया है।

आरोपियों को मोहलत दिलाने के लिए वकीलों ने हर वो दलील दी जिससे कोर्ट पसीज जाए लेकिन आखिरकार मरहूम निर्भया की ही जीत हुई। और कोर्ट ने चारों दरिदों की मौत की सजा बरकरार रखी। वहीं इस फैसले के आने के बाद निर्भया के के मां-बाप ने खुशी जताई है। निर्भया के पिता ने कहा कि सरकार से हमारी मांग है कि दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए।