हल्द्वानी: MBPG छात्रा का पहले किया रेप फिर डाल दिया फैक्ट्री के टैंक में – चाचा

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हल्द्वानी। (चयन राजपूत) कठघरिया के पनियाली स्थित एक गत्ता फैक्ट्री में काम करने वाली युवती का शव फैक्ट्री के खुले वाटर टैंक में मिला, कुछ देर बाद जब उसका शव मिला तो फैक्ट्री में हड़कंप मच गया. मृतका के चाचा डूंगरदेव पाठक ने आज पोस्टमार्टम हाऊस में मीडिया को दिए गए बयान में बताया कि ज्योति के फैक्ट्री मालिक और साथी कर्मचारी ने ज्योति का शारिरीक शोषण किया और किसी को पता न लगे इसलिए ज्योति को टैंक में फैंक दिया. डूंगरदेव ने बताया कि ज्योति की जैकेट और चप्पल निकालकर उन लोगो ने ऊपर रख दि थी. ज्योति के चाचा ने फैक्ट्री मालिक और कर्मचारियों पर आरोप लगाते हुए पुलिस से मदद की गुहार की है.

 

डूंगरदेव पाठक, ज्योति के चाचा

कठघरिया डिफेंस कॉलोनी निवासी और एमबीपीजी कॉलेज में एमए की छात्रा ज्योति पाठक(24) पुत्री परमानंद पाठक इस फैक्ट्री में तीन साल से नौकरी कर रही थी. फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि टैंक से सटे बाथरूम तक जाने के दौरान ज्योति फिसलकर टैंक में जा गिरी.

टैंक
ज्योति

बजूनिया हल्दू निवासी दिनेश सुयाल की पनियाली में गत्ता फैक्ट्री है. इस फैक्ट्री में मिठाई और केक के डिब्बे बनाने का काम होता है. बताया जा रहा है कि शनिवार दोपहार 2 बजे लंच टाइम के दौरान ज्योति सहकर्मियों से फैक्ट्री के पीछे बने बाथरूम की ओर जाने की बात कहकर निकलीं थी. कुछ देर में ही छपाक की आवाज सुनाई दि. फैक्ट्री के कर्मचारियों ने इसे अनसुना कर दिया.

कुछ देर बाद फैक्ट्री का फोरमैन चंदरपाल उधर से गुजरा तो टैंक में युवती को गिरा देख दंग रह गया. टैंक में करीब सात फुट तक पानी भरा था. फोरमैन ने साथियों को आवाज लगाई तो सब दौड़कर पहुंच गए. इसके बाद उसे बाहर निकाला गया और कर्मचारी सेंट्रल अस्पताल लेकर गए लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

खुले टैंक में पानी के नीचे था दलदल…

जिस टैंक में ज्योति की डूबकर जान गईं, वो कवर नहीं किया गया था.8 फीट गहरे टैंक से फैक्ट्री को पानी सप्लाई होता था, गत्ता की प्रोसेसिंग के बाद गंदा पानी भी इसी टैंक में आकर गिरता था. इसके चलते टैंक में दलदली गाद जमा हो जाती है, समय-समय पर इसकी सफाई किए जाने की बात भी कर्मचारियों ने बताई

बाथरूम तक पहुंचने का रास्ता नहीं है…

कर्मचारियों के लिए फैक्ट्री के पीछे तीन बाथरूम बने हुए हैं. तीनों बाथरूम टैंक की दिवार से सटे हैं. इनमें से दो तक पहुंचने के लिए रास्ता नहीं है. कर्मचारियों को खुले टैंक को फांदकर या दीवार के सहारे खिसककर उन तक पहुंचना पड़ता है. चंद्रपाल की पत्नी चंद्रा और उसकी बेटी मोनिका ने बताया कि पहले बाथरूम के गंदा होने के कारण ज्योति अकसर दीवार को पकड़कर टैंक पार करने के बाद दूसरे बाथरूम में जाती थी. बता दें कि चंद्रपाल की पत्नी और उसकी बेटी भी उसी गत्ता फैक्ट्री में कार्यरत हैं.

मुखानी थाना क्षेत्र के थाना प्रभारी कमाल हसन ने बताया कि…

प्रथम दृष्टया फैक्ट्री मालिक की लापरवाही सामने आ रही है. अभी यह कहना जल्दबाजी है कि युवती गिरी है या गिराई गई है. कर्मचारियों से पूछताछ के दौरान यह स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर के बाद ही स्थितियां स्पष्ट होंगी. उन्होंने कहा कि परिजनों ने अब तक तहरीर नहीं दी है. शौचालय के पास टैंक का खुला रहना खतरनाक है. वहां फिर कभी हादसा हो सकता है. इस मामले में फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. जांच पूरी होने तक फैक्ट्री मालिक दिनेश सुयाल को फैक्ट्री बंद रखने के आदेश दिए गए हैं.