हल्द्वानी – शराब बंदी की मांग को लेकर प्रदर्शन , सुनिए आबकारी मंत्री ने क्या कहा

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नयी आबकारी नीति भले ही अभी तक नही आयी हो लेकिन जनता का शराब के खिलाफ आंदोलन पूरे चर्म पर है। सुप्रीमकोर्ट ने हाइवे से मैखाने हटाने के आदेश जारी किया है जिसके शराब कारोबारियों ने अपने नये ठिकाने देखने शुरू कर दिये हैं।

 

इन्हीं नये ठिकानो पर हल्द्वानी के कमलूवागांजा, मुखानी और ट्रांसपोर्टनगर इलाके में कच्ची और अंग्रेजी शराब की बिक्री को लेकर आंदोलन सड़क पर उतर आया है। आंदोलनकारियों ने सरकार से शराब को पूर्ण रूप से बंद करने की मांग की है। महिलाओं ने सरकार को खरी खोटी सुनाते हुयें जोरदार प्रर्दशन किया है। उन्होंने कहा कि ब्लाॅक के पास शराब की दुकान थी लेकिन सरकारी फरमान आने के बाद वह दुकान कमलूवागांजा में शिफ्ट हो गयी है। स्थानीय लोगों ने कहा कि जबकि इस दुकान के पास डीएवी स्कूल, दीप्ती पब्लिक स्कूल और एक रजिस्टर्ड मंदिर भी है ऐसे में दुकान पूर्ण रूप से अवैध है। प्रर्दशनकारियों ने भाजपा सरकार को कांग्रेस पार्टी की सरकार से भी गया गुजरा करार दिया है। प्रर्दशनकारियों में ब्लाक प्रमुख भोला भटट, बीजेपी जिला मीडिया प्रभारी भुवन भटट, बीएस भंडारी, पुष्पा सहित सैकड़ों स्थानीय निवासी जबरन दुकान को बंद कराया और कहा कि अब शराब पूर्ण रूप से बंद होनी चाहिए नही तो वह तोड़फोड़ कर देंगे।

आबकारी मंत्री ने क्या कहा सुनयें
राज्य भर में भारी विरोध के चलते आबकारी मंत्री प्रकाश पंत कतई परेशान नही है। उन्होंने कहा कि सुप्रीमकोर्ट ने आदेश जारी किया है उसका पालन किया जा रहा है। पिछली सरकार की आबकारी नीति के हिसाब से काम हुआ है लेकिन यह सरकार जनआकांक्षाओं और कोर्ट की आदेश का पालन जरूर करेगी। उन्होंने कहा हाईकोर्ट ने तीन जिले में शराब बंदी का आदेश दिया है लेकिन नीति के खिलाफ फैसला आने पर भाजपा सरकार सुप्रीमकोर्ट गयी थी जिसके बाद फिर से शराब शुरू हो गयी है। नयी नीति में सभी पहलूओं का ख्याल रखा जायेगा।