हल्द्वानीः बेबाक बोल -बेटी को नही पाल सकते हैं माँ बाप, तो फिर जनने के लिए तैयार क्यों होते हैं- अनुकृति गुसांई

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हल्द्वानीः उत्तराखण्ड में बेटी बचाओं और बेटी पढ़ाओं की ब्राड अंबेसडर बनी मिस इंडिया ग्राण्ड इंटरनेशनल अनुकृति गुसांई इन दिनों उत्तराखण्ड में बेटी बचाआंें और बेटी पढ़ाओं की बारीकियों को देखने के लिए कुमायॅू दौरे पर निकल चुकी हैं। देहरादून से हल्द्वानी अपनी नंदसाल लोहरियासाल मल्ला पहुंची अनुकृति ने भ्रूण हत्या पर तीखे प्रहार कियें हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी पति-पत्नी की स्थिति बच्ची को जनने के बाद उसके पालन पोषण और पढ़ाई लिखाई की नही है तो वह उसके लिए क्यों तैयार होते हैं।

बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओ की मुहिम

उत्तराखण्ड में लड़का और लड़की के अनुपात में अस्थिरता है जिसमें अनुकृति ने बताया कि पिथौरागढ़, चंपावत, हरिद्वार और पौड़ी शामिल है। इसके लिए उन्होंने मार्च के बाद एक व्यवस्थित प्लान करके बेटी बचाओं और बेटी पढ़ाओं की मुहिम में जुट जायेंगी। क्योंकि आज बेटा और बेटी दोनो ही बराबर है जितना बेटा बुढ़ापे में माॅ बाप का सहारा बन सकती है उतना ही बेटी सहारा बनकर मदद कर सकती है।

सीएम त्रिवेन्द्र का धन्यवाद

उन्होंने कहा कि जब वह काॅन्टैस्ट में प्रतिभाग कर रही थी तभी मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से उनकी बातचीत हुई थी। उन्होंने लिंग अनुपात में काफी चिंता व्यक्त की जिसको लेकर वह मुख्यमंत्री की ’बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं’ के अभियान में साथ देने के लिए खडी हुई थी। वह जल्द ही कुछ शिक्षण संस्थान, स्वंय सहायता समूह और सार्वजनिक कार्यक्रमों में प्रतिभाग करके इस अभियान को गति देंगी जिससे माॅ बाप भ्रूण हत्या न करें।

अस्पताल नही माँ-बाप हैं जिम्मेदार

अनुकृति

अनुकृति ने कहा कि भ्रूण हत्या के लिए इतने जिम्मेदार अस्पताल नही जितने की माॅ बाप हैं। क्यों माॅ बाप गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग जांच कराते हैं अगर वह लिंग जांच नही कराये तो बेटी हो य फिर बेटा वह उसको पालेंगे। अस्पताल वाले पूर्ण रूप से व्यवसायिक हो चुके हैं वह इस भावना को नही समझते हैं।

 

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