हल्द्वानी- शराब की दुकान बन्द कराकर ही मानेंगी मातृशक्ति…..

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हल्द्वानी: भले ही उत्तराखंड़ सरकार को शराब की बिक्री से करोड़ो रूपयों का राजस्व मिलता हो और सरकार इस बड़ी रकम से प्रदेश के  विकास की कहानी लिखती हो ,लेकिन इस बार लगता है कि सरकार को शराब को लेकर एक नये रोडमैप के साथ उतरना होगा।सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने नेशनल और स्टेट हाइवे से 500 मीटर की दूरी तक शराब की दुकान न खोलने के फरमान का पालन किया था।

और शराब से प्राप्त राजस्व को बचाने के लिए बेहद चौंकाने वाला निर्णय भी लिया था। इस निर्णय के तहत सभी स्टेट हाइवे को जिला मार्ग घोषित किया गया था।लेकिन इस निर्णय के बाद भी शराब बिक्री को लेकर सरकार का ख्वाब पूरा ना हो सका। प्रदेश का शायद ही कोई ऐसा गाँव -शहर हो जहाँ महिलाओं का उग्र विरोध शराब को लेकर ना हुआ हो। इसी क्रम  में आज हल्द्वानी के लालड़ाँठ क्षेत्र के पास  संतोषी माता मंदिर और गोल्ज्यू मंदिर के पास कालोनी में शराब की दुकान खोले जाने का क्षेत्र की महिलाओं ने उग्र विरोध किया।महिलाओं का एक मत होकर यही कहना था कि किसी भी सूरत में शराब की दुकान नही खुलने दी जायेगी। कालोनी के आस पास रहने वाली महिलाओं ने क्षेत्र  पंचायत सदस्य शांति भट्ट के नेतृत्व में काफी देर तक शराब की दुकान के विरोध में नारे लगाये।और शराब कारोबारियों के खिलाफ जमकर  नारेबाजी भी की।

इसके साथ ही शहर के मुखानी क्षेत्र में भी  शराब के कारोबारियों को मातृशक्ति के गुस्से का शिकार होना पड़ा । कालोनी की महिलाओं ने शराब की दुकान को बन्द करने की तीव्र मांग रखी ।महिलाओं का कहना था कि कई दिनों से उनका आन्दोलन शराब की दुकान हटाने को लेकर हो रहा है लेकिन प्रशासन उनकी मांग को नजरअंदाज कर रहा है।प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि  उनका  धरना तब तक रहेगा जब तक क्षेत्र से शराब की दुकान हट नही जाती।प्रदर्शन के दौरान काफी संख्या में भीड़ जुटी रही।