मेरठ- भोले के भक्तों को इस बार मिलेगा डिजिटल तौहफा, जमकर लगेंगे बम-बम भोले के जयकारे

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मेरठ- न्यूज टुडे नेटवर्क: सावन के महीने की शुरूवात हो चुकी है। ऐसे में शिवभक्तों का उत्साह देखते ही बनता है। अपने आराध्य शिव भोले को खुश करने के लिए देश भर से भक्त कांवड़ यात्रा में सम्मिलित होते हैं। ऐसे में मेरठ प्रशासन ने इस बार कांवड़ यात्रा को हाईटेक करने के साथ ही सुरक्षित करने की योजना तैयार कर ली है। कांवडियों को मदद करने के लिए मोबाइल एप लांच किया गया है, जो उनका बड़ा मददगार साबित होगा।

इस एप में मिलेगी कांवड़ यात्रा से जुडी हर जानकारी

‘कांवड़ मेरठ” मोबाइल एप, एक ऐसा मोबाइल एप होगा जिसमें कांवड़ यात्रा से जुड़ी हर अहम जानकारी मौजूद रहेगी। कांवडिए इस एप के जरिये उन सभी प्रमुख रास्तों के साथ ही कांवड़ शिविरों की लोकेशन, स्नानघर, पुलिस सहायता और पुलिस चौकी और थानों की लोकेशन जान पाएंगे। इस बार हरिद्वार से मेरठ तक कांवड़ मार्ग में 27 एम्बुलेंस और 28 चिकित्सा शिविर स्थापित हैं। इसके अलावा स्वयंसेवी समूहों के भंडारे और चिकित्सा शिविर अलग हैं। 1200 अस्थाई शौचालय और हर 500 मीटर की दूरी पर पीने के पानी की व्यवस्था कराई गई है। मोबाइल एप पर लाइव यातायात भी देखा जा सकेगा।

एप पर लाइव दिखेगी कांवड़ यात्रा

डिजिटल के दौर में कांवड़ यात्रा को भी लाइव दिखाने के लिए प्रशासन की ओर से पहल की गई है। ‘कांवड़ मेरठ” मोबाइल एप को बनाया गया है। कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले एप को लांच कर इसके बारे में अधिक से अधिक लोगों को बताया जाएगा। जिससे लोग रास्ते में ही व्यवस्थाओं की जानकारी के लिए इस एप का उपयोग कर सकेंगे। एप के माध्यम से हरिद्वार से मेरठ आने वाले लाखों कांवड़िए आसानी से इस एप का उपयोग कर सकेंगे। एप पर कांवड़ कैंप की जियो कंपनी की टैगिंग की जाएगी यानि जिस स्थान को भी आप इस एप के माध्यम से चयन करेंगे तो वहां मौजूद कांवड़ कैंप की जानकारी मिल जाएगी।

वहीं 27 एंबुलेंस, 28 मेडिकल कैंप रूट पर मौजूद रहेंगे। इसके अलावा 1200 अस्थायी टॉयलेट, 457 सफाई कर्मचारी, 65 हैंडपंप 500 मीटर के दायरे में मौजूद रहेंगे। इस एप की सहायता से कांवडिय़े अपने रास्ते में पडऩे वाले सेवा कैंप, अस्थायी टॉयलेट, बाथरूम, पुलिस स्टेशन, एंबुलेंस, चिकित्सा कैंप आदि सुविधाएं मिलेंगी। वहीं एप पर संबंधित कैंप के इंचार्ज का मोबाइल नंबर पर डिस्पले होगा। जिससे फोन कर जानकारी लेना आसान हो सकेगा। वहीं इसके माध्यम से प्रशासनिक अमला भी लाइव ट्रैफिक देख पाएगा।