दिल्ली- बस दुर्घटना से सांसद अनिल बलूनी को पहुचा गहरा दुःख, अपनी सांसद निधि से कराएंगे दुर्गम क्षेत्रों में icu का निर्माण

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दिल्ली – न्यूज टुडे नेटवर्क: उत्तराखण्ड के धुमाकोट के क्वीन गांव के पास भीषण बस हादसे में शीग्र रेसक्यू न होने के कारण घायलों के उपचार में हुई देरी को देखते हुए सरकार दुर्गम क्षेत्रों में आईसीयू केन्द्रों की स्थापना करने जा रही है। उत्तराखण्ड के दुर्गम क्षेत्रों में गंभीर रोगियों, घायलों और प्रसूताओं के लिए उचित उपचार ना होने के कारण उन्हें हायर सेंटर तक पहुंचने में अनेक संकटों का सामना करना पड़ता है। उचित प्राथमिक उपचार न मिलने पर अनेक लोग मार्ग पर ही दम तोड़ देते हैं। अनेक दुर्घटनाओं और विषम परिस्थितियों में यह लाचारी दुर्गम के ग्रामीणों के जीवन पर भी भारी पड़ जाती है। जिसको देखते हुए उत्तराखण्ड सरकार ने आईसीयू केन्द्रों के निर्माण का फैसला लिया है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और जन-प्रतिनिधियों से चर्चा कर सरकार जल्द उन केद्रों का चयन करेगी जहा इन आईसीयू केन्द्रों की आवश्यकता है। मामले में संसद सदस्य अनिल बलूनी ने अपनी सांसद निधि से उत्तराखण्ड मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत और सुवास्थ्य विभाग के महानिदेशक से वार्ता कर प्रतिवर्ष दो से तीन आईसीयू केन्द्रों के निर्माण के लिए धनराशी उपल्बध कराने की बात कही है। जिसमें इस वर्ष की राशि स्वास्थ्य विभाग के साथ आकलन के बाद जारी की जाएगी। साथ ही अपने कार्यकाल के रहते अनिल बलूनी ने उत्तराखण्ड के सभी महत्वपूर्ण नगर और कस्बों में इन आईसीयू केद्रों के निर्माण की बात कही है।

घायलों को मिलेगा शीघ्र उपचार
दुर्गम क्षेत्रों में आईसीयू केंद्रों के होने से किसी तरह की दुर्घटना के होने के बाद गंभीर रोगियों को हायर सेंटर जाने से पूर्व तत्काल सघन चिकित्सा मिल जाने से काफी लाभ मिलेगा और दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में भी बड़ी राहत मिल सकेगी।