हल्द्वानी : त्रिवेन्द्र सरकार की इस योजना के जरिए ऐसे बन रहे हैं किसान आत्मनिर्भर…

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हल्द्वानी. उत्तराखण्ड के किसानों की किस्मत बदलने वाली कृषि ऋण योजना की शुरूआत मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कर डाली है। हल्द्वानी में करीब बारह हजार किसानों को एक लाख रूपये का ऋण दो फीसदी ब्याज पर दिया गया है। राज्य सरकार ने दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत दो फीसदी ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया है। राज्य के सहकारिता मंत्री धनसिंह रावत, परिवहन मंत्री यशपाल आर्य और मुख्यमंत्री ने 3 साल के लिए ऋण वितरण किया है।

किसान होंगे आत्मनिर्भर

किसान खुश है कि उन्हें यह ऋण मिला अब वह अपने गांव में गाय, बकरी, मधुमक्खी पालन करके अपने गांव में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगे। त्रिवेन्द्र सरकार ने पलायन को रोकने के लिए किसानों की आत्मनिर्भरता की स्कीम चलाई है। बेतालघाट से आये किसान ने बताया कि वह अब तक टैम्पों चलाकर अपना परिवार पाल रहे थे उसके लिए वह हल्द्वानी में रहते हैं। अब उन्हें सस्तें ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध हो गया है। वह अब टैम्पों चलाना छोड़कर गांव में गाय पालन करके आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेंगे।

सहकारिता मंत्री धनसिंह रावत

सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य के किसान अब साहूकारों से दबेगे नही बल्कि इस योजना के लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनेंगे। वह गाय, बकरी, भेड़ पालन, फूलों की खेती, सहित तमाम कार्य करके अपना बजूद कायम रखेंगे।

परिवहन मंत्री यशपाल आर्य

यशपाल आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पलायन आयोग बनाकर किसानों के प्रति अपनी मंशा को साफ कर दिया था अब सहकारिता स्कीम के आने के बाद विपक्षियों की बोलती पूरी तरह से बंद हो गयी है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अजय भटट ने कहा कि अब किसान सहूकारों के चक्कर में न पड़ें, अब तक किसानों ने साहूकारों से बीस बीस फीसदी ब्याज पर ऋण लिया था। अब सरकार के सहकारिता मंत्रालय से ऋण लें जिससे उनको किसी भी परेशानी का सामना नही करना पड़ेगा।

सरकार का मास्टर स्ट्रोक

किसान

राज्य की पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितयों के कारण लगातार हो रहा पलायन सभी सरकारों के लिए मुसीबत भरा है। सरकार के इस मास्टर स्ट्रोक ने विपक्षी दलों की हवा निकाल दी है क्योंकि अब तक सरकार ने इस ऋण के जरियें करीब एक लाख किसानों को अपनी ओर खींच लिया है। सरकार की इस पहल से जरूर किसान अपनी आजीविका को चलाने के लिए कामयाब होंगे।

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