कुमाऊं में फिर दिखे माओवादियों के पोस्टर

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द्वाराहाट : कुमाऊं में एक बार फिर माओवाद सक्रिय हो रहा है। माओवादियों ने इस बार उत्तराखण्ड में शराब के विरोध में चल रहे आंदोलन की आड़ ली है। कुमाऊ मंडल में पोस्टर चस्पा कर लोगों को हिंसा के लिए उकसाने की उसने एक बार फिर नापाक हरकत की है। हाल में यह अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट ब्लाक में इस तरह के पोस्टर चस्पा किए गए हैं। इस घटना से अल्मोड़ा का पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। पोस्टर चस्पा होने की इस घटना को लेकर एसएसपी डीएस कुंवर ने कहा कि अल्मोड़ा की कानून व्यवस्था किसी भी दशा में बिगड़ने नहीं दी जाएगी।
उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश व उत्तरी बिहार में ”रेड कॉरिडोर“ की साजिश के सूत्रधार माओवादी थिंक टैंक प्रशांत सांगलेकर उर्फ प्रशांत राही व पहली पांत के कमांडर हेम मिश्रा को उम्र कैद की सजा होने के बाद ठंडे पड़े माओवादी फिर से सक्रिय होने लगे हैं। माओवादियों द्वारा उत्तराखण्ड में शराब के विरोध में आंदोलन कर रहे लोगों के बीच अपनी पैठ बनाने की जुगत की जा रही है। इसीलिए तो अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट ब्लाॅक में माओवादियों ने भड़काऊ अपील लिखे पोस्टर चस्पा किए हैं। बताया जा रहा है कि यहां पर द्वाराहाट के अलावा बिंता, कामा, बगवलीपोखर आदि क्षेत्रों में इस तरह के पोस्टर दिखे हैं। इस बार माओवादियों द्वारा की गई इस अपील में राष्ट्रविरोध तो नहीं है लेकिन शराब की दुकानों में आग लगा देने व हिंसा भड़काने, पशु तस्करों को मारने जैसी अपील की गई है। यहां पर कामा गांव की ग्राम प्रधान पार्वती देवी व सामाजिक कार्यकर्ता कुंदन सिंह नेगी ने बताया कि क्षेत्र में सार्वजनिक व सरकारी भवनों की दीवारों पर माओवादियों द्वारा पोस्टर चस्पा किए गए हैं। इसे लेकर अल्मोड़ा के एसएसपी डीएस कुंवर का कहना है कि माओवादियों ने साजिशन शराब विरोधी आंदोलन के बहाने खुद को मजबूत करने की कोशिश की है। पोस्टरों व दीवारों पर लिखे गए नारों में देशद्रोह की बातें नहीं हैं, लेकिन शराब के खिलाफ लोगों को भड़काने की अपील को गंभीरता से लिया जा रहा है। उत्तराखण्ड शासन के गृह सचिव विनोद शर्मा का का कहना है कि अल्मोड़ा में माओवादियों द्वारा पोस्टर चस्पा किए जाने के मामले को गंभीरता से लिया गया है। दोषियों तक पहंुचने के लिए खुफिया एजेंसियों को लगा दिया गया है। साथ ही पहले यह भी देखा जा रहा है कि कहीं अराजक लोगों ने शरारत के तौर पर इस तरह का कदम उठाया है। जिससे हिंसा को भड़काया जा सके।